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नागरी (देवनागरी) व लैटिन फ़ॉन्ट्स

जैसा कि आप जानते हैं, हिन्दी, मराठी, नेपाली, संस्कृत तथा भारत की कई भाषाओं को लिखने के लिए नागरी (क, ख, ग, ...) लिपि का उपयोग होता है। अंग्रेजी को लिखने के लिए लैटिन (A, B, C, ...) लिपि का उपयोग होता है।

हमारे नागरी (देवनागरी) एवम् लैटिन लिपि के फ़ॉन्ट्स (Fonts) में रूचि दिखाने के लिए हम आपके आभारी हैं।

हमारे फ़ॉन्ट्स आधुनिकतम मानकों व तकनीकों के अनुसार निर्मित किए गए हैं। इन्ही मानकों व तकनीकों का उपयोग समकालीन Operating Systems (ऑपरेटिंग सिस्टम्स) द्वारा किया जाता है।

कुछ महत्वपूर्ण आधुनिक मानक व तकनीकें -

1. Unicode (यूनिकोड):

यह विश्व की समस्त लिपियों की एकीकृत संकेत प्रणाली/विधि है। यूनिकोड के सिवा किसी अन्य संकेत प्रणाली का उपयोग करने से जब दो विभिन्न प्रोग्रामों अथवा कम्प्यूटर के बीच डेटा भेजा जाता है, तो उस डेटा के त्रुटिग्रस्त (खराब) होने का अंदेशा रहता है।

2. OpenType (ओपनटाइप):

यह अक्षराकृतियों एवं लिपि सम्बन्धित नियमों को फ़ॉन्ट्स में एक साथ रखने की आधुनिक तकनीक (व्यवस्था) है। यह TrueType (ट्रू-टाइप) का आधुनिक संस्करण है।

3. TrueType Instructing (ट्रू-टाइप इन्सट्रक्टिंग):

यह एक कठिन प्रोग्रामिंग भाषा (Low-level Programming Language) है। इसके द्वारा कम्प्यूटर की स्क्रीन पर छोटे अक्षर भी स्पष्ट दिखते है। इन्सट्रक्टिंग को हिन्टिंग (hinting) भी कहते हैं।

आज हमारे देश में नागरी (तथा अन्य भारतीय लिपियों) के साथ लैटिन का प्रयोग बहुतायत में किया जा रहा है। इसलिए हमें ऐसे फ़ॉन्ट्(स) की आवश्यकता है जो हमें इन लिपियों का सरलतापूर्वक एक साथ उपयोग करने दे। ऐसे हर एक फ़ॉन्ट में नागरी के अक्षरों एवं चिह्नों के साथ लैटिन के लैटर्स एवं चिह्नों (signs) का होना आवश्यक है, ताकि हम एक ही फ़ॉन्ट का उपयोग कर नागरी के शब्दों के साथ लैटिन के वर्ड्‌स लिख सकें। ऐसे फ़ॉन्ट (मुद्रलिपि) को यूनिकोड तथा ओपनटाइप आधारित होना अत्यावशक है।

कम्प्यूटर के मॉनिटर्स (Monitors) व डॉट-मॅट्रिक्स प्रिन्टर्स (Dot Matrix Printers) कम-स्पष्ट (low-resolution) यन्त्र (device) है। इस तरह के कम-सक्षम (कम-स्पष्ट) यन्त्रों में छोटे आकार के अक्षर दर्शाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। ट्रू-टाइप इन्सट्रक्टिंग के सही उपयोग के द्वारा इन कम-सक्षम यन्त्रों पर भी छोटी अक्षराकृतियाँ स्पष्ट बनती है। केवल कुछेक प्रोग्रामर ही इन्सट्रक्टिंग के सही प्रोग्राम लिख सकते हैं। प्रत्येक छोटे आकार के लिए हर अक्षराकृतियों की जाँच करना एवं सुधारना एक विस्तृत कार्य है, जिसमें अतिरिक्त समय लगता है।

अधिकतर लेखों, दस्तावेज़ों, पुस्तकों आदि में 1 या 2 फ़ॉन्ट ही उपयोग में लाए जाते हैं। इन फ़ॉन्ट्स को टॅक्स्ट फ़ॉन्ट्स (Text Fonts) कहा जाता है। हम आशा करते हैं कि हमारे फ़ॉन्ट 'Akhil HE' का नियमित उपयोग आप अपने पसंदीदा टॅक्स्ट फ़ॉन्ट के रूप में करना चाहेंगे।

क्योंकि हमारे फ़ॉन्ट्स यूनिकोड व ओपनटाइप पर आधारित है इसलिए इनका उपयोग आप दूसरे यूनिकोड तथा ओपनटाइप आधारित फ़ॉन्ट्स के साथ कर सकते हैं। हमारी जानकारी के अनुसार इन्टरनेट पर निःशुल्क उपलब्ध फ़ॉन्ट्स में इन्सट्रक्टिंग का उपयोग पूर्णतः नहीं किया गया है!

हमारे फ़ॉन्ट 'Akhil HE' का 1 साल से अधिक समय तक परीक्षण किया गया है। इसका उपयोग आप Windows 98 से लेकर नवीनतम Windows पर सरलतापूर्वक कर सकते हैं। हम आशा करते हैं कि यूनिकोड तथा ओपनटाइप आधारित अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम्स पर भी इन फ़ॉन्ट्स का उपयोग किया जा सकेगा।

आप इन फ़ॉन्ट्स का उपयोग आधुनिक ऑफ़िस-एप्लिकेशन्स जैसे ओपन-ऑफ़िस (Open Office), एम.एस.-ऑफ़िस (MS Office) इत्यादि में कर सकते हैं। ओपन-ऑफ़िस इन्टरनेट पर निःशुल्क उपलब्ध हैं, इसलिए 'Akhil HE' का उपयोग ओपन-ऑफ़िस के साथ करना अच्छा एवम् सस्ता विकल्प है।





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